प्रेमनगर अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने से पोस्टमार्टम के लिए रामानुजनगर से बुलाना पड़ा चिकित्सक, स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी उठे सवाल



"चंद्र प्रकाश साहू"
प्रेमनगर/सूरजपुर। सूरजपुर जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। घरेलू विवाद के बीच एक पुत्र पर अपने ही पिता की हत्या करने का आरोप लगा है। घटना के बाद आरोपी ने स्वयं आसपास के लोगों को यह बताते हुए हड़कंप मचा दिया कि उसने अपने पिता को मार डाला है। सूचना मिलते ही पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। वहीं, इस घटना ने प्रेमनगर की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की भी पोल खोल दी, जहां पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय स्तर पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण दूसरे विकासखंड से चिकित्सक बुलाना पड़ा।

जानकारी के अनुसार ग्राम बकिरमा के पिवरी महुआ मोहल्ला, वार्ड क्रमांक 17 निवासी ठकर दास (पिता बालक दास), उम्र लगभग 50 वर्ष, की 24 जून की रात करीब 9 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक के पुत्र हेम चरणदास और उसके बीच घरेलू बात को लेकर विवाद हुआ था। आसपास के लोगों का कहना है कि आरोपी उस समय शराब के नशे में था। आरोप है कि विवाद के दौरान उसने रस्सी से पिता का गला बांधकर घर के एक खूंटे से लटका दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।

घटना के बाद आरोपी ने स्वयं आसपास के लोगों को बताया कि उसने अपने पिता की जान ले ली है। यह सुनते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई और लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। सूचना मिलने पर प्रेमनगर पुलिस मौके पर पहुंची। काफी देर तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस ने आरोपी हेम चरणदास को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी विवाहित है तथा उसके दो पुत्र हैं।

मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रेमनगर लाया गया, लेकिन यहां पदस्थ दो एमबीबीएस डॉक्टरों में से एक अवकाश पर थे, जबकि दूसरे डॉक्टर न्यायालयीन कार्य से बाहर गए हुए थे। ऐसे में शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए रामानुजनगर से डॉक्टर बुलाना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर प्रेमनगर ब्लॉक की स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल प्रेमनगर पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।