चंद्र प्रकाश साहू
सूरजपुर/रामानुजनगर। सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र में बोरी में मिली अज्ञात लाश के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। जिस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में पुलिस जुटी हुई थी, वह आखिरकार एक पारिवारिक विवाद और सुनियोजित हत्या की कहानी बनकर सामने आया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतक की हत्या उसके ही बेटे ने की थी, जबकि शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने में मां, मौसा और एक दोस्त ने उसका साथ दिया। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस के अनुसार 12 जून 2026 को ग्राम तिवरागुड़ी के सरनापारा स्थित डांड में एक बोरी के भीतर अज्ञात युवक का शव मिलने की सूचना मिली थी। शव के सिर पर धारदार हथियार से गंभीर चोट के निशान थे। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में गठित टीम ने सोशल मीडिया और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से मृतक की पहचान कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिरमी परसापानी निवासी शिवप्रसाद सिंह के रूप में की।
जांच के दौरान पुलिस जब मृतक के घर पहुंची तो वहां संदिग्ध परिस्थितियों में खून के निशान मिलने पर शक गहरा गया। मृतक के 18 वर्षीय पुत्र अमृत लाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हत्या की पूरी कहानी बयान कर दी।
आरोपी ने बताया कि 10 जून की रात उसके पिता शिवप्रसाद सिंह घर में उसकी मां बीरा बाई के साथ विवाद और मारपीट कर रहे थे। इसी बात से नाराज होकर उसने पिता की हत्या की योजना बना ली। रात करीब सात बजे जब पिता कमरे में सो रहे थे और मोबाइल पर बातचीत कर रहे थे, तब उसने टांगी और लोढ़ा से ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद मृतक का मोबाइल बंद कर उसकी सिम निकाल दी गई ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
हत्या के बाद आरोपी ने घटना की जानकारी अपनी मां को दी और फिर अपने मौसा हरवंश सिंह को फोन किया। पुलिस के अनुसार शव को ठिकाने लगाने की योजना भी उसी दौरान बनाई गई। रात में अमृत लाल, हरवंश सिंह और उसका मित्र कौशल सिंह उईके शव को बोरी में भरकर मोटरसाइकिल से रामानुजनगर क्षेत्र के तिवरागुड़ी डांड तक ले गए और वहां फेंक दिया। वहीं आरोपी की मां बीरा बाई ने कमरे में फैले खून के धब्बों को गोबर से लीपकर सबूत मिटाने का प्रयास किया।
पुलिस ने मामले में हत्या में प्रयुक्त टांगी, लोढ़ा, मृतक का मोबाइल तथा शव को ले जाने में उपयोग की गई तीन मोटरसाइकिलें जब्त कर ली हैं। इस मामले में अमृत लाल, बीरा बाई, हरवंश सिंह और कौशल सिंह उईके को गिरफ्तार कर लिया गया है।
रामानुजनगर पुलिस की इस कार्रवाई को जिले की हालिया बड़ी सफलता माना जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन एवं एसडीओपी प्रेमनगर बेनार्ड कुजूर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राजेन्द्र साहू और उनकी टीम ने महज कुछ दिनों में अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाकर पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश कर दिया।